पर्यावरण रक्षक शिवरात्रि अभियान के साथ दिया गया प्रकृति संरक्षण का संदेश
होशियारपुर, पंजाब। महाशिवरात्रि का पावन पर्व सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर में इस वर्ष अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हर-हर महादेव के जयघोष, भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मंदिर के अध्यक्ष एवं प्रख्यात आध्यात्मिक मार्गदर्शक डॉ. सूफी राज जैन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विधि-विधान से रुद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन और विशेष आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जल, दुग्ध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं समाज में शांति की कामना की।
इस वर्ष महाशिवरात्रि को “पर्यावरण रक्षक शिवरात्रि” के रूप में विशेष रूप से मनाया गया। डॉ. जैन ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान शिव संपूर्ण प्रकृति के प्रतीक हैं, इसलिए प्रकृति की रक्षा और सेवा ही सच्ची शिव-भक्ति है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि धार्मिक आस्था को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ा जाए।
पर्यावरण संरक्षण की विशेष पहल
वृक्षारोपण अभियान:
“एक व्यक्ति–एक बेल पौधा” संकल्प के अंतर्गत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बेल के पौधे रोपे गए। श्रद्धालुओं ने पर्यावरण को हरित और स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया।
अभिषेक जल का सदुपयोग:
शिवलिंग पर अर्पित जल और दूध को व्यर्थ न बहाकर पौधों और वृक्षों की जड़ों में प्रवाहित किया गया। गुरु माँ दिव्या जी के नेतृत्व में अभिषेक जल को हरित क्षेत्र तक पहुँचाया गया, जिससे जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
प्लास्टिक-मुक्त आयोजन:
पूरे मंदिर परिसर को सिंगल-यूज प्लास्टिक से मुक्त रखा गया। श्रद्धालुओं को कपड़े एवं मिट्टी के पात्रों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया तथा विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
पशु सेवा कार्यक्रम:
बेसहारा पशुओं के लिए भोजन, पानी और चारा की व्यवस्था की गई। भक्तों ने शिव-भक्ति की भावना से प्रेरित होकर पशु सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
सामाजिक समरसता का संदेश:
कार्यक्रम के दौरान प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया गया। लोगों को नफरत, अहंकार और द्वेष त्यागकर सहअस्तित्व की भावना अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
रात्रि में भव्य आरती और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने शिव भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियाँ दीं। मंदिर समिति एवं स्वयंसेवकों ने व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित किया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. सूफी राज जैन ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता की दिशा में भी एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि होशियारपुर से प्रारंभ हुई यह पहल पूरे पंजाब और देश में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश देगी।
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