शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी – वक्ताओं ने जताया गहरा आक्रोश
श्रद्धांजलि सभा में ईरान पर हमले की कड़ी आलोचना
अम्बेडकरनगर: ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामनाई की शहादत पर रविवार देर शाम अकबरपुर के मीरानपुर स्थित शाही इमामबाड़ा में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अंजुमन अकबरिया (रजिस्टर्ड), अकबरपुर के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में धर्मगुरुओं, बुद्धिजीवियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
सभा में वक्ताओं ने ईरान पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे अमानवीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के नेतृत्व पर इस प्रकार का हमला वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ शिया धर्मगुरु एवं इमाम-ए-जुम्मा मौलाना अकबर अली ने अपने संबोधन में कहा कि आयतुल्लाह अली ख़ामनाई की शहादत इतिहास में साहस, नेतृत्व और प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में याद की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्याय और दमन के विरुद्ध उठने वाली आवाज़ें कभी दबाई नहीं जा सकतीं।
मौलाना नदीम ने कहा कि विश्व समुदाय को हिंसा और टकराव की राजनीति से ऊपर उठकर संवाद और शांति का मार्ग अपनाना चाहिए। मौलाना मोहम्मद अब्बास एवं मौलाना शीराजी ने कहा कि सुप्रीम लीडर ने अपने नेतृत्व में आत्मसम्मान, एकता और शांति का संदेश दिया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
मौलाना मीसम अली व मौलाना शाहिद ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती अस्थिरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोषों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की हिंसा मानवता के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शांति स्थापना की दिशा में ठोस पहल करने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन आरिफ अनवर एवं अंजुमन अध्यक्ष ररेहान ज़ैदी ने किया। गालिब अब्बास, मुराद अली, सद्दाम हुसैन एवं इफ्तेखार हुसैन सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि विश्व में स्थायी शांति तभी संभव है जब न्याय, समानता और आपसी सम्मान को प्राथमिकता दी जाए।
शफात हुसैन एवं फरहत अब्बास ने विशेष रूप से रमज़ान के पवित्र माह में हुई इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए वैश्विक शांति की कामना की। कार्यक्रम में अली अस्करी नकवी, अहमद मेहदी, कल्बे आबिद, रज़ा अनवर, यासिर हुसैन, अजमी, अलमदार, जफर अब्बास, बड़े मियां, डॉ. सै. हुसैनी, रईस हुसैन, अफरोज मनिहार, बब्बी, रेहान अब्बास, जामिन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। सभा की विशेष बात यह रही कि महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर एकजुटता और संवेदना प्रकट की।
अंत में दिवंगत नेता की आत्मा की शांति तथा विश्व में स्थायी शांति की स्थापना के लिए दुआ के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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