“अब यह मुसलमान पर है वाजिब कि वह तहकीक करें, मारने वाले हैं मुसलमां के, मरने वाले”
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हिन्दोस्तान जिंदाबाद के नारो से गूजां मीरानपुर
अम्बेडकरनगर अकबरपुर
बीते शुक्रवार को पाकिस्तान में एक मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले में शिया समुदाय के लोगों की दर्दनाक मृत्यु के विरोध में आज जुमे की नमाज़ के बाद बड़ा इमामबाड़ा परिसर मीरानपुर अकबरपुर में अंजुमन अकबरिया की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आलीजनाब मौलाना अकबर अली वायज ने की तथा संचालन अंजुमन अध्यक्ष रेहान ज़ैदी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। बाद में राष्ट्रपति महोदया, भारत गणराज्य को सम्बोधित ज्ञापन अपर नायब तहसीलदार रमेश चन्द्र पाण्डेय के माध्यम से सौंपा गया।
आलीजनाब मौलाना अकबर अली वायज ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि बेगुनाह नमाज़ियों पर हमला इस्लाम की शिक्षाओं के भी पूर्णतः विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि मज़हब हमेशा अमन, इंसाफ और इंसानियत का पैगाम देता है, जबकि आतंकवाद नफरत और तबाही फैलाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि ऐसे हमलों की रोकथाम के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएँ तथा पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए
धरना-प्रदर्शन के दौरान अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए—
पूर्व अध्यक्ष गालिब अब्बास ने कहा कि मासूम लोगों की हत्या किसी भी धर्म में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि आतंकवाद के विरुद्ध एकजुट होकर ठोस कदम उठाए जाएँ ताकि निर्दोष नागरिकों की जान की हिफाज़त हो सके।
आलीजनाब मौलाना कर्रार हुसैन गदीरी ने अपने संबोधन में कहा कि इबादतगाहों पर हमले इंसानियत पर सीधा हमला हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अमन-ओ-अमान कायम करने और नफरत फैलाने वाली ताकतों को रोकने के लिए साझा प्रयास जरूरी हैं।
सलमान अब्बास रिजवी ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में पहल की जाए।
आफताब हुसैन ने अपने वक्तव्य में कहा कि आतंकवाद किसी एक समुदाय नहीं बल्कि पूरी मानवता का दुश्मन है। उन्होंने सभी लोगों से शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
अंजुमन अध्यक्ष रेहान ज़ैदी ने अपने संबोधन में कहा —
“हंस के कहते हैं ये टुकड़ों में बिखरने वाले,
ज़ुल्म कितने भी करो हम नहीं डरने वाले,
अब ये दुनिया पर है वाजिब कि वो तहकीक करें,
मारने वाले हैं मुसलमान के, मरने वाले।”
उन्होंने कहा कि यह समय सच्चाई सामने लाने और निर्दोष लोगों की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर गंभीर पहल का है।
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